Karvachouth: The festival of Love.

शादी के 11 साल बाद भी पति-पत्नि मिलकर बना रहे है करवॉ चौथ के '' करवे ''
बड़वानी 5 अक्टूबर / शादी के 11 साल बाद भी पति-पत्नि मिलकर करवॉ चौथ पर काम आने वाले '' करवे '' के निर्माण में पूरे जी-जान से लगे है। हर बार की तरह इस बार भी जहॉ पत्नि अपने पति के हाथ से बनाये हुये '' करवे '' से पति के हाथो से उसका पानी पीकर उपवास समाप्त करेगी । वही उसे विश्वास है कि शहर की 4 हजार और पत्नियॉ भी अपने - अपने पतियो के हाथो से पानी पीकर अपना-अपना उपवास समाप्त करने का कार्य उनके द्वारा बनाये गये '' करवे '' से करेंगी । अंतर सिर्फ इतना रहेगा कि इसका निर्माण करने वाले दम्पति को यह नि:शुल्क मिल जायेगा जबकि शहर की 4 हजार पत्नियो को यह करवे खरीदना पड़ेंगे ।
नगर के बडग़ांव रोड के किनारे रहने वाले दम्पति श्री दीपक प्रजापत एवं श्रीमती दुर्गा प्रजापत इस समय अत्यन्त व्यक्त है, क्योंकि उन्हें रविवार 8 अक्टूबर को करवॉ चौथ पर उपयोग आने वाले 4 हजार '' करवे '' का निर्माण एवं उसका रंग-रोगन हर-हाल में 6 अक्टूबर तक पूर्ण करना है। शादी की 11वी साल गिरह मना चुका यह दम्पति अच्छी तरह जानता हैै कि यह करवॉ चौथ का त्यौहार उनके सुखी दाम्पत्य के लिये क्या महत्व रखता है।
पेशे से कुम्हार का कार्य करने वाला यह परिवार बताया है कि वे प्रति वर्ष 4 हजार करवे का निर्माण कर नगर के विभिन्न दुकानदारो को विक्रय करते है। जिसके कारण उन्हें साल भर होने वाली कमाई का 50 प्रतिशत भाग इन्ही करवे से प्राप्त होती है। जिससे उन पति-पत्नि एवं दो छोटे-छोटे बच्चों की गृहस्थी अच्छी तरह चल पाती है।
वे बताते है कि यदि करवॉ चौथ एवं दीवाली त्यौहार न हो तो आज कई कुम्हारो के परिवारो का संचालन मुश्किल में आ जायेगा, क्योंकि अब मटको को कौन खरीदता है। सभी '' फ्रीज '' एवं '' फ्लाक्स '' का ठण्डा पानी जो पीने लगे है।

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